अक्सर हम विटामिन ए, बी, सी, डी और ई के बारे में सुनते रहते हैं। माना जाता है कि स्वास्थ्य के लिए यही विटामिन जरूरी भी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं विटामिन के भी उतना ही जरूरी है जितना कि अन्य विटामिन। कई अध्ययनों में सामने आया है कि बड़ी संख्या में लोगों में इसकी कमी भी पाई जाती है। हाल ही में किए गए एक शोध के अनुसार विटामिन के-2 के सेवन से महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ होने वाली हड्डियों की समस्या में भी कमी आती है। ये धमनियों की अकड़न को कम कर हृदय संबंधी रोगों में भी आराम देता है। इतना ही नहीं विटामिन के-2 त्वचा के प्राकृतिक लचीलेपन को भी खोने से रोकता है। इस तरह यह विटामिन प्राकृतिक तौर पर बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोकने में मदद करता है।
यह वसा में घुलने वाला विटामिन है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। विटामिन के दो तरह के होते हैं। पहला विटामिन के-1 मुख्यत: हरी सब्जियों जैसे पालक, पत्ता गोभी और ब्रोकली में पाया जाता है। विटामिन के-2 मांस, अंडे और डेयरी उत्पादों में पाया जाता है। विटामिन के-1 चोट लगने पर खून का थक्का जमने नहीं देने में अहम भूमिका निभाता है। वहीं विटामिन के-2 ही शरीर के सभी हिस्सों में जरूरी मात्रा में कैल्शियम पहुंचाता है।
न्यूट्रीएंट्स जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार हर तीन में से एक व्यक्ति में विटामिन के-2 की कमी पाई जाती है। आमतौर पर वृद्ध लोगों में इसकी कमी अधिक होती है। लेकिन हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज, किडनी और कार्डियोवस्कुलर रोगों से पीड़ित लोगों में भी इसकी कमी हो सकती है। विटामिन के की कमी के कारण भूख में कमी, मदिरा का अधिक सेवन और बढ़ती उम्र के लक्षण दिखना जैसी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।
छोटी-मोटी खरोंचो से भी खून का लगातार बहना, दांतों से खून आना, कमजोर मसूड़े, कमजोर हड्डियां और हृदय संबंधी समस्याएं होने पर विटामिन के की कमी हो सकती है। ज्यादा एंटीबायोटिक्स का सेवन भी शरीर में विटामिन के-2 के बनने में बाधा पहुंचाता है, क्योंकि यह पेट में मौजूद अच्छे बैक्टिरिया पर भी असर डालता है। महिलाओं को किशोरावस्था और मेनोपॉज के समय विटामिन के!2 की आवश्यकता अधिक होती है। महिलाओं के जीवन में समय-समय पर औसतन से कुछ ज्यादा कैल्शियम की आवश्यकता होती है।
धमिनियों, नसों और कोशिकाओं को कैल्सिफिकेशन (शरीर के किसी हिस्से में कैल्शियम का जरूरत से ज्यादा इकट्ठा हो जाना) से बचाने के लिए विटामिन के का सेवन बेहद जरूरी है। विटामिन के-2 त्वचा में मौजूद इलास्टिन (रेशेदार प्रोटीन) में अतिरिक्त कैल्शियम को पहुंचने से भी रोकता है। साल 2011 में हुए शोध से यह भी पता चला है कि त्वचा पर ज्यादा झुर्रियों वाली महिलाओं को हड्डियों से जुड़ी समस्याएं भी अधिक थीं। वहीं एक अन्य अध्ययन के मुताबिक जापानी महिलाओं को दुनिया के अन्य हिस्सों की महिलाओं की अपेक्षा झुर्रियां कम होती हैं। इसका कारण उनके खान-पान को माना जाता है। वे अपने भोजन में सोयाबीन से बने खाद्य पदार्थ ज्यादा लेती हैं, जिनमें विटामिन के प्रचुर मात्रा में होता हैं।
Home |
Set as homepage |
Add to favorites
| Rss / Atom
Powered by Scorpio CMS
Best Viewed on any Device from Smartphones to Desktop.